रमज़ान के दौरान रोज़ेदारों को क्या खाना चाहिए और कैसे करनी चाहिए कसरत?

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BBC अगर सही तरीका अपनाएं तो रमज़ान के दौरान भी कसरत की जा सकती है.

रमज़ान के दौरान अगर आप व्यायाम करना चाहते हैं तो इसके लिए आपको अपनी दिनचर्या पर थोड़ा अधिक ध्यान देने की जरूरत होती है. इस दौरान शारीरिक ऊर्जा का स्तर प्रभावित रहता है और शरीर अपना संतुलन बना रहा होता है.

पर्सनल ट्रेनर बिलाल हफ़ीज़ और आहार-पोषण विशेषज्ञ नाजिमा कुरैशी 'द हेल्दी मुस्लिम्स' के नाम से जाने जाने वाले पति-पत्नी हैं. इन दोनों ने रमज़ान में उपवास के भोजन और व्यायाम के बारे में 'द हेल्दी रमज़ान गाइड' नाम की किताब लिखी है.

हफ़ीज़ कहते हैं, "रमज़ान का लक्ष्य साधारण रहते हुए प्रार्थना, आध्यात्मिकता और खुद को बेहतर बनाने पर ध्यान देना है. हम क्या खा रहे हैं और कैसे व्यायाम कर रहे हैं, इसका महत्व काफी बढ़ जाता है. यह तनाव के स्तर, काम और ज़िंदगी के बीच संतुलन और परिवारों पर भी असर डालता है."

ऐसे में आप इन 30 दिनों के उपवास में स्वस्थ रहते हुए अपनी फिटनेस को बेहतर बनाना चाहते हैं तो कुछ बातों को ध्यान में रखना चाहिए.

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BBC इफ़्तार और सहरी के बीच कितना पानी पीएं? Getty Images विशेषज्ञों का कहना है कि पर्याप्त पानी न पीने से सिरदर्द हो सकता है.

कुरैशी कहती हैं, "कई लोगों को रमज़ान के पहले वाले कुछ दिनों में सिरदर्द की शिकायत रहती है, ऐसा पानी की कमी के कारण होता है."

"उपवास के दौरान उतना ही पानी पीना चाहिए जितना आप पहले से पीते आ रहे हैं. बस इसे शाम से सुबह के बीच टुकड़ों में विभाजित कर, कई बार में पीना होगा. एक अच्छी शुरुआत के लिए आप सुबह ही एक लीटर पानी पिएं. "

अगर आप अक्सर कैफीन युक्त पेय का सेवन करते हैं तो हाइड्रेटेड रहना और भी जरूरी हो जाता है क्योंकि कैफीन की कमी के कारण भी सिरदर्द हो सकता है.

कुरैशी कहती हैं, "रमज़ान शुरू होने से पहले कॉफ़ी पीना कम करना जरूरी है. फिर भी अगर आपको सिर में दर्द की शिकायत है, तो पर्याप्त पानी पीने से इससे राहत मिल सकती है."

दिन की सही शुरुआत करें Getty Images रात भर भिगोए हुए ओट्स बहुत ही लाभदायक हैं.

हफ़ीज़ कहते हैं, "आप तीन के बजाय दो बार भोजन करेंगे. शाम को इफ्तार और सुबह से पहले सहरी. ऐसे में वह व्यंजन चुनने होंगे जो आपको दिन भर भरपूर ऊर्जा दें"

कुरैशी इस बात पर सहमति देते हुए कहती हैं, "इस दौरान लोग सोचते हैं कि उनकी ऊर्जा कम है. अगर ऐशा है तो उन्हें पूरी नींद लेनी चाहिए और सुबह का खाना छोड़ देना चाहिए."

सहरी में में कार्बोहाइड्रेट के साथ कुछ प्रोटीन और स्वस्थ वसा शामिल होना चाहिए. इसके बाद अगर आप कुछ सब्ज़ियाँ और फल भी खा सकते हैं तो यह एक बोनस होगा.

क़ुरैशी कहती हैं, "रात भर भिगोया हुए ओट्स एक बेहतर विकल्प है. इसमें सभी तत्व होते हैं लेकिन इसे ज्यादा मात्रा में नहीं खाया जा सकता. ऐसे में प्रोटीन के लिए ग्रीक योगर्ट (दही), चिया सीड्स (जिसमें स्वस्थ वसा होती है), फल और दूध भी प्रयोग किया जा सकता है."

ओट्स का एक फ़ायदा ये भी है कि आप इसे रात में तैयार करके रख सकते हैं. और सुबह लंबे समय तक सो सकते हैं.

कुरैशी यह मानती हैं कि अगर आपको सुबह इतनी जल्दी खाना खाने की आदत नहीं है तो यह थोड़ा मुश्किल हो सकता है लेकिन शरीर जल्द ही अनुकूल हो जाता है. "पहले कुछ दिन यह मुश्किल लगता है.ऐसे में कुछ निवाले खाकर इसकी शुरुआत करें. चौथे, पांचवे दिन से आपको इसी समय भूख लगने लगेगी."

शाम को अधिक खाने से बचें

हाफिज कहते हैं कि आप पूरे दिन उपवास करते हैं ऐसे में शाम के समय ज्यादा खाने की भूख हो सकती है. खासकर तब जब आप परिवार और दोस्तों के साथ उपवास तोड़ रहे हों.उपवास खोलना एक खुशी का समय होता है. इस समय लोग एक साथ रहते हैं.इफ्तार के दौरान बहुत से लोग ऐसा खाना खाते हैं जिसमें कैलोरी बहुत अधिक होती है.यह ज्यादा हो जाता है.

"इसका एक उदाहरण समोसे हो सकते है. एक समोसे में कम से कम 250 कैलोरी होती हैं. जब लोग खाना शुरू करते हैं तो कोई एक नहीं बल्कि दो या तीन खाते हैं. ऐसे में सामान्य रूप से ज्यादा कैलोरी आप लेते हैं."

"अगर आप सप्ताहांत में एक बार ऐसा कर रहे हैं तो शायद यह ठीक है, लेकिन ऐसा पूरे महीने में हर दिन होने की संभावना है. ऐसे में जब आप तकनीकी रूप से उपवास कर रहे हैं, तो आप वास्तव में साल के किसी भी अन्य समय की तुलना में बहुत अधिक भोजन का सेवन कर रहे हैं."

कुरैशी कहती हैं, "इससे आपको ऐसा महसूस होगा कि आपकी ऊर्जा बहुत कम है और अगले दिन के उपवास में आप उतना अच्छा महसूस नहीं करेंगे.

"हम यही सलाह देते हैं कि जब आप अपना उपवास तोड़ें, तो पानी, खजूर और कुछ फलों से शुरुआत करें, फिर भोजन करने से पहले प्रार्थना करें. अपने सांस्कृतिक खाद्य पदार्थों को शामिल करें लेकिन सुनिश्चित करें कि सूप और स्टू या चिकन, कबाब और मछली के भोजन के रूप में आप कुछ प्रोटीन, कार्बोहाइड्रेट और सब्जियाँ खा रहे हैं."

धीरे-धीरे खाएं और संतुलित रहें Getty Images सब्जियां खाना स्वास्थ्य के लिए बेहतर हैं.

अगर आप खाना अपने परिवार, दोस्तों या फिर किसी समूह के साथ खा रहे हैं तो आप पर हर चीज़ खाने का सामाजिक दबाव हो सकता है. इससे निपटने के लिए इस दंपत्ति ने कुछ तरकीबें अपनाई. जिससे वे अपने खानपान को संतुलित रख पाए.

हफीज कहते हैं," सबसे बड़ी बात यह हैं कि खाना खाते समय धीरे-धीरे खाएं. अपना समय लें, ज़्यादा बातचीत करें. अगर आपका मेज़बान देखता है कि आप खाली प्लेट लेकर बैठे हैं और बाकी सब खा रहे हैं, तो वे आपको ज़्यादा खाने के लिए कहेंगे. जब आप धीरे-धीरे खाएंगे तो फिर वह दबाव नहीं रहेगा."

अगर हम किसी के समारोह में भाग ले रहे हैं और वे कोई व्यंजन लाते हैं तो हम सुनिश्चित करते हैं कि वह पोषण बढ़ाए. हफीज मजाक में कहते हैं, "हम वो कपल हैं जो सलाद लेकर आते हैं!"

कुरैशी कहती हैं, "मुझे पता है कि सब्ज़ियां कभी भी सबसे लोकप्रिय विकल्प नहीं होती हैं, लेकिन खाने की मेज़ पर पहले से ही प्रोटीन और कार्बोहाइड्रेट मौजूद होंगे. आप यह नहीं कह सकते हैं,'हम आपका खाना नहीं खाएंगे, सिर्फ़ अपना खाना खाएँगे'. ऐसे में हम बस इसे परोसे जाने वाले भोजन में जोड़ देते हैं.

सुविधाजनक समय पर करें व्यायाम

हफीज कहते हैं, "अधिकांश लोग अपना उपवास तोड़ने से एक या दो घंटे पहले व्यायाम करते हैं, क्योंकि जब वे उपवास समाप्त करेंगे, तो उसके बाद तुरंत उन्हें भोजन और पानी मिल जाएगा."

"हालांकि, यह शेड्यूल आपको सही नहीं लग रहा है तो फिर अपनी सामान्य दिनचर्या के अनुसार काम करें. पिछले साल मुझे दोपहर के समय व्यायाम करने में मजा आया.मैनें पाया कि दिन के बाकी समय की तुलना में मेरी ऊर्जा बहुत ज्यादा थी. पहला वर्कआउट थोड़ा मुश्किल हो सकता है लेकिन जैसे जैसे हमारा शरीर लचीला होता है वह तेजी से एडजस्ट हो जाता है.

"आप अपना उपवास तोड़ने के बाद भी व्यायाम कर सकते हैं लेकिन रात में प्रार्थना होती है ऐसे में उसी समय-सीमा में इसे समन्वित करना कठिन हो सकता है"

शक्ति और स्थिरता पर केंद्रित करें ध्यान Getty Images यह ताकत बढ़ाने का समय है थकाने का नहीं.

आप दिन में किसी भी समय व्यायाम करें लेकिन इसके अनुरूप खुद को ढालना बहुत ही महत्वपूर्ण है.

हफीज कहते हैं, "रमजान के दौरान वर्कआउट की तीव्रता कम कर दें. इस दौरान अपने मूवमेंट, गतिशीलता, अपनी कोर ताकत और स्थिरता बनाने पर ज़्यादा ध्यान दें. अपने कंधे के जोड़ों से लेकर अपने कूल्हों और टखनों को ज़्यादा कार्यात्मक बनने पर ध्यान दें."

आप फिटनेस बेहतर बनाए रखना चाहते हैं तो रात में अच्छी नींद लेना भी जरूरी है.

" एक धनुष और तीर के बारे में सोचिए. रमज़ान के दौरान आप जो कर रहे हैं वह धनुष को पीछे खींचना है. इन 30 दिनों में अगर आप ठोस नींव तैयार करते हैं तो आप यह देखेंने कि जब आप तीर छोड़ते हैं तो वह कितनी दूर तक जाता है."

ये कम तीव्रता वाले व्यायाम बिना किसी दिनचर्या के किए जा सकते हैं लेकिन आप अपने फिटनेस को बेहतर बनाने की कोशिश कर रहे हैं तो यह महीना जिम जाने का सही समय नहीं है. इसकी बजाय टहलना एक बढ़िया शुरुआत है.

अपने इरादें को रखें मजबूत

हफीज कहते हैं कि यदि आप रमज़ान के दौरान ऊर्जा की कमी महसूस होती है तो इसका उद्देश्य ध्यान रखें.

"इस उपवास केवल उपवास भर नहीं है. इसका अर्थ कहीं ज़्यादा गहरा है. इसमें आध्यात्मिकता का एक बहुत महत्वपूर्ण स्तर है. यह हमारी परंपरा से जोड़ता है.

"एक हद तक दृढ़ता की आवश्यकता होती है. यह हमें मजबूत बनने और बेहतर बनने में मदद करती है. जब आपको बेहतर नहीं लग रहा हो तो खुद से कहें सब ठीक है. सिर्फ 30 दिन की तो बात है. मैं अपनी बात करूं तो यह मुझे लचीला बनाने में मदद करता है"

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