नितीश राणा के बल्ले से बरसे रन और राहुल द्रविड़ की मुस्कान का कनेक्शन

गुवाहाटी राजस्थान रॉयल्स का होम ग्राउंड नहीं है. मगर इस आईपीएल सीज़न के पहले दो मैच राजस्थान ने इसी मैदान पर खेले.
स्थानीय हीरो रियान पराग 30 मार्च को हुए मैच में संजू सैमसन की जगह राजस्थान रॉयल्स की कप्तानी कर रहे थे.
रियान को मैदान पर राज्य के क्रिकेट फैंस को देखकर शायद हैरानी हुई होगी. ये फैंस रियान की टीम की बजाय चेन्नई सुपर किंग्स और धोनी के लिए अति-उत्साहित थे.
पिछले मैच में 9वें नंबर पर बल्लेबाज़ी के लिए आने पर धोनी की काफी आलोचना हुई थी.
इस बार धोनी 7वें नंबर पर आए. इस वक़्त चेन्नई को जीतने के लिए 24 गेंदों पर 54 रन बनाने थे. लक्ष्य था 183 रन.
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धोनी के साथ दूसरे छोर पर रविंद्र जडेजा थे. दोनों खिलाड़ियों ने अतीत के शानदार रिकॉर्ड को वर्तमान में तलाशने की ज़ोरदार कोशिश की.
ये कोशिशें रंग नहीं लाईं. चेन्नई की टीम छह रनों से हार गई. ये फासला शायद आपको ये आभास दे कि मैच काफी रोमांचक रहा और चेन्नई भी मैच जीत सकता था.
मगर हक़ीक़त यही है कि पहले बल्लेबाज़ी करते हुए और फिर बाद में गेंदबाज़ी करते हुए राजस्थान ने पावर-प्ले ओवर्स के दौरान ही मैच का नतीजा लगभग तय कर दिया.
वैसे भी 2020 से लेकर अब तक राजस्थान के ख़िलाफ़ 9 मैचों में 7 बार चेन्नई को मुंह की ही खानी पड़ी है.
180 से ज़्यादा रनों का पीछा करते हुए पिछले 9 मैचों में चेन्नई को हार मिली है. ज़ाहिर है कि इस टीम में बल्लेबाज़ी को लेकर कुछ स्वाभाविक कमियां हैं.
बल्लेबाज़ी में संघर्ष तो राजस्थान का भी दिख रहा है क्योंकि टीम इंडिया के दो तगड़े ओपनर यशस्वी जायसवाल और संजू सैमसन की मौजूदगी के बावजूद उनको वो सधी हुई शुरुआत नहीं मिल रही है.
रविवार को राजस्थान के लिए एक रॉयल पारी खेलने वाले नितीश राणा के बल्ले का शुक्रगुज़ार होना चाहिए. राणा ने महज 36 गेंदों पर 81 रन ठोक डाले. अपनी पारी में राणा ने 5 छक्के और 10 चौके लगाए.
2021 में श्रीलंका दौरे पर भारत के लिए एक वनडे और दो टी20 खेल चुके राणा को दोबारा टीम इंडिया में जगह नहीं मिली.
आईपीएल में नितीश पिछले कुछ सालों से टॉप ऑर्डर के लिए इतने बेहतरीन बल्लेबाज़ रहे हैं कि कुछ सालों तक उन्होंने कोलकाता नाइट राइडर्स की कप्तानी भी की.
सात साल के लंबे सफर के बाद राणा जब कोलकाता से अलग हुए तो उन्होंने सबसे पहले सैमसन को फोन पर संदेश भेजा कि वो उनकी कप्तानी में रॉयल्स के लिए खेलना चाहते हैं.
राजस्थान रॉयल्स की आधिकारिक वेबसाइट से नितीश राणा ने कहा है कि वो राहुल द्रविड़ और उनके साथी कोच विक्रम राठौड़ के साथ वक्त बिताना चाहते थे क्योंकि उनका मानना है कि भारतीय कोच ही भारतीय युवा खिलाड़ियों को सबसे बेहतर समझते हैं.
गुवाहाटी में जब जब राणा चौके-छक्के लगा रहे थे तो टीवी कैमरा अक्सर सैमसन और द्रविड़ की मुस्कान को दिखा तो रहे थे लेकिन बहुत कम लोगों को ये आभास होगा कि उस मुस्कान की असली वजह क्या है.
आईपीएल में रॉयल्स की जीत का खाता खुलवाकर राणा ने साबित कर दिया है कि सीज़न के बचे हुए मैचों में उनकी भूमिका काफी अहम हो सकती है. शायद अब सैमसन और जायसवाल भी अतिरिक्त दबाव से मुक्त होकर बल्लेबाज़ी करते दिखें.
पिछले मैच की तरह एक बार फिर से विरोधी टीम ने चेन्नई सुपर किंग्स की सबसे बड़ी ताकत नूर अहमद-अश्विन-जडेजा की स्पिन तिकड़ी को 12 ओवर की गेंदबाज़ी करने से रोका.
विरोधी टीमें जानती हैं कि नूर के 4 ओवर में जोखिम लेना फिलहाल ज़्यादा ख़तरनाक है और इसलिए अश्विन पर हमला तेज़ हो रहा है.
आलम ये रहा कि जडेजा किफायती गेंदबाज़ी करने और विकेट लेने के बावजूद 2 ओवर ही गेंदबाज़ी कर पाए.
शायद ये कोच द्रविड़ का फैसला रहा होगा कि उन्होंने पराग की जगह राणा को ऊपर बल्लेबाज़ी के लिए भेजा ताकि अश्विन के ख़िलाफ़ वो अपने शानदार रिकॉर्ड का फायदा उठा सकें.
ईएसपीएन क्रिकइंफो के आंकड़ों के मुताबिक़, इस मैच से पहले अश्विन ने राणा को आईपीएल में कभी आउट नहीं किया था जबकि इस बल्लेबाज़ ने उनके ख़िलाफ़ 58 गेंदों पर 108 रन बनाए थे.
अश्विन ने भले ही राणा को आख़िरकार आउट करने में सफलता पा ही ली लेकिन जिस तरह से राणा ने उनका पहले ओवर में स्वागत 6, 6 और 4 से किया... उससे चेन्नई के इस दिग्गज गेंदबाज़ के अहम को चोट पहुंची होगी.

राजस्थान के लिए राणा ने बल्ले से कमाल दिखाया तो गेंदबाज़ी के मोर्चे पर दो विदेशी खिलाड़ी जोफरा आर्चर और लेग स्पिनर हसारंगा ने शिकंजा कस दिया.
699 दिनों के बाद इंग्लैंड के आर्चर ने आईपीएल में जब अपना पहला विकेट लिया तो उनका ओवर बेहद ख़ास रहा.
आईपीएल 2025 में ये पहला नज़ारा रहा जब किसी गेंदबाज़ ने मेडेन ओवर डालने के साथ साथ विकेट भी हासिल किया हो.
आर्चर ने चेन्नई के लिए धाकड़ ओपनर रचिन रविंद्र को खाता भी नहीं खोलने दिया.
रॉयल्स के लिए श्रीलंका के हसारंगा ने असली कमाल दिखाया. जिन्होंने चेन्नई के मध्य क्रम की बल्लेबाज़ी पर कसी हुई गेंदबाज़ी करते हुए उनके ख़िलाफ़ जोखिम लेने को मजबूर किया.
4 ओवर में सिर्फ 35 रन ख़र्च करके हसारंगा ने राहुल त्रिपाठी, कप्तान और सबसे ज़्यादा 63 रन बनाने वाले रितुराज गायकवाड, स्पिन के महारथी हिटर शिवम दुबे और विजय शंकर के विकेट लिए.
बल्लेबाज़ी करते हुए पावर प्ले में राजस्थान ने 6 ओवर में 79 रन बनाये थे तो चेन्नई सिर्फ 42 ही जोड़ पाई.
चेन्नई के बाक़ी बल्लेबाज़ इस धीमी शुरुआत के दबाव में लगातार परेशान नज़र आए.
शायद इसलिए आख़िरी लम्हों में धोनी और जडेजा के छक्के लगाने के बावजूद स्टेडियम में बैठे ज़्यादातर समर्थकों को ये एहसास हो चुका था कि उन्हें जीत की बजाय धोनी की झलक से ही संतोष करना पड़ेगा.
बीबीसी के लिए कलेक्टिव न्यूज़रूम की ओर से प्रकाशित
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