शार्दुल ठाकुर: अनसोल्ड रहे खिलाड़ी ने लखनऊ के लिए मचाया धमाल

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Getty Images शार्दुल ठाकुर पर्पल कैप के साथ आठ विकेट लेकर फिलहाल आईपीएल के सबसे क़ामयाब गेंदबाज़ हैं.

"भाई, इस बात से मुझे बिल्कुल फ़र्क नहीं पड़ता है कि लोग क्या कहते हैं. मुझे ये पता है कि मेरी टीम और मेरे कप्तान को हमेशा मुझमें भरोसा रहता है चाहे मैं मुंबई के लिए खेलूं या फिर इंडिया के लिए."

शार्दुल ठाकुर के बोले गये ये शब्द 15 नवंबर 2024 के थे जब वो दिल्ली में सर्विसेज़ क्रिकेट टीम के ख़िलाफ़ रणजी मुकाबला खेलने आये थे.

लेकिन, आईपीएल ऑक्शन के दौरान ना तो किसी कप्तान ने और ना ही किसी कोच ने इस काबिल ऑलराउंडर की योग्यता पर भरोसा दिखाया.

नतीजा ये रहा कि मायूस होकर ठाकुर ने इंग्लैंड में एसेक्स के लिए काउंटी क्रिकेट खेलने का क़रार साइन कर लिया.

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बहरहाल, ठाकुर के करियर में ऐसा पहली बार नहीं हो रहा था जब क्रिकेट ने उन पर फिर से मेहरबानी की क्योंकि वो बेहद ईमानदार और मेहनती खिलाड़ी हैं.

ये बात मुंबई के पूर्व तेज़ गेंदबाज़ और टीम इंडिया के दिग्गज रह चुके ज़हीर ख़ान को अच्छी तरीके से पता थी.

लखनऊ सुपर जायंट्स के मेंटॉर के तौर पर ज़हीर ने ठाकुर को रणजी नॉकआउट मैचों के दौरान संपर्क किया और कहा कि वो काउंटी छोड़कर आईपीएल की तैयारी करें. उसके बाद तो जो हुआ वो किसी फ़िल्मी कहानी से कम नहीं है.

जिस खिलाड़ी को नीलामी में कोई पूछने वाला नहीं था वो 2 मैचों के बाद पर्पल कैप के साथ 8 विकेट लेकर फिलहाल सबसे क़ामयाब गेंदबाज़ हैं और उनका गेंदबाज़ी औसत और इकोनॉमी रेट दोनों ही 8.83 का है.

हैदराबाद पर कैसे भारी पड़े शार्दुल Getty Images मेज़बान हैदराबाद की टीम को उन्हीं के घर में हराने के लिए ठाकुर के 4 विकटों का अहम योगदान रहा

33 साल के ठाकुर की गेंदबाज़ी को सनराइजर्स हैदराबाद के बल्लेबाज़ों ने हल्के में लेने की कोशिश की जैसा कि अक्सर अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में दिग्गज बल्लेबाज़ करते आये हैं.

लेकिन, ठाकुर ने वही कमाल दिखाया जो उनकी आदत बन चुकी है. जब ठाकुर से चमत्कार की उम्मीद कोई ना करे तब भी वो मैन ऑफ द मैच वाला खेल दिखाते हैं.

बीती रात भी मेज़बान टीम को उन्हीं के घर में हराने के लिए ठाकुर के 4 विकटों का अहम योगदान रहा.

अपने दूसरे ओवर में ओपनर अभिषेक शर्मा और पिछले मैच के शतकवीर ईशान किशन को शून्य पर आउट करके ठाकुर ने हैदराबाद के 300 रन बनाने के अरमानों पर ना सिर्फ पानी फेरा बल्कि उन्हें 200 रन तक पहुंचने के लिए भी तरसा दिया.

सितारों से भरी हैदराबाद टीम के किसी भी बल्लेबाज़ को मैच में अर्धशतक बनाने का मौका नहीं मिला और ऑस्ट्रेलियाई ओपनर ट्रेविस हेड पारी में जीवनदान मिलने के बावजूद भी अपनी टीम के लिए सबसे ज़्यादा 47 रन ही बना पाये जो काफ़ी नहीं था.

ठाकुर ने अगर लगातार विकेट लेकर सनराइज़र्स को झटके दिये तो युवा प्रिंस यादव ने कसी हुई गेंदबाज़ी करते हुए रनों पर पूरी तरह से अंकुश लगा दिया.

अगर ज़हीर ने ठाकुर की वापसी कराई तो प्रिंस को लखनऊ लाने में कप्तान ऋषभ पंत का योगदान रहा जो उनके साथ पिछले साल दिल्ली प्रीमियर लीग में पूरानी दिल्ली टीम के साथ उनका जलवा देख चुके थे.

उस टूर्नामेंट में शानदार खेल दिखाने के बाद प्रिंस दिल्ली के लिए सफेद गेंद की क्रिकेट में बेहतरीन गेंदबाज़ बनकर उभरे और लखनऊ ने उनपर आईपीएल में 30 लाख रुपये की बोली लगायी जो शायद उन्होंने एक ही मैच में ट्रेविस हेड को आउट करके वसलू करा दिया हो.

लखनऊ ने कैसे हासिल की सीज़न की पहली जीत ANI मिचेल मार्श और निकोलस पूरन ने 43 गेंदों पर 116 रनों की साझेदारी खेली

जीत के लिए 191 रनों का लक्ष्य लखनऊ के लिए कतई आसान नहीं था. ख़ासकर तब जब एडम मार्करम सिर्फ़ एक रन बनाकर मोहम्मद शमी का शिकार बन गये.

लेकिन, इसके बाद ऑस्ट्रेलियाई ओपनर मिचेल मार्श और कैरेबियाई धुरंधर निकोलस पूरन ने लखनऊ के लिए ऐसी आतिशी बल्लेबाज़ी की मानो वो हैदराबाद के बल्लेबाज़ों को ये कह रहे थे कि पिच 300 रनों वाली थी!

इन दोनों विदेशी बल्लेबाज़ों ने दूसरे विकेट के लिए सिर्फ 43 गेंदों पर 116 रनों की साझेदारी खेली. मार्श ने 31 गेंदों पर 52 रन बनाया जो उनका इस सीज़न का लगातार दूसरा अर्धशतक रहा तो पूरन ने फिर से साबित किया कि मध्य क्रम में उनसे बेहतर टी20 बल्लेबाज़ फिलहाल दुनिया में कोई और नहीं.

18 गेंदों पर अपना अर्धशतक पूरा करने वाले पूरन ने महज़ 26 गेंदों पर 70 रन बनाकर हैदराबाद के लिए मैच जीतने की उम्मीदों को पूरी तरह से झकझोर कर रख दिया.

छह चौके और 6 छक्के के साथ करीब 270 की स्ट्राइक रेट से बल्लेबाज़ी करने वाले पूरन 2014 अंडर 19 वर्ल्ड कप से सुर्खियों में आये थे.

लेकिन, उसके बाद एक कार दुर्घटना की वजह से उनके क्रिकेट खेलने पर ही ख़तरे के बादल मंडराने लगे थे.

लेकिन 2016 में कीरॉन पोलार्ड ने उनकी योग्यता पर भरोसा दिखाते हुए सीपीएल में मौका दिलवाया. पूरन को उस दौर में आर्थिक समस्या से गुज़रना पड़ रहा था और उन्होंने बीपीएल, पीएसएल, हांग-कांग ब्लित्ज़ और ग्लोबल टी-20 कनाडा समेत ना जाने कितने टूर्नामेंट में शिरकत की.

2023 में लखनऊ ने उन्हें 16 करोड़ रुपये देकर टीम में शामिल किया और 2025 ऑक्शन से पहले जिन पांच खिलाड़िय़ों को फ्रैंचाइज़ी ने बनाये रखा उसमें पूरन पहले और सबसे महंगे क़रार वाले खिलाड़ी थे.

पूरन की एक और ज़बरदस्त पारी Getty Images साल 2023 से आईपीएल में कैरेबियाई बल्लेबाज़ निकोलस पूरन से ज़्यादा छक्के किसी और खिलाड़ी ने नहीं मारे हैं

गुरुवार को पूरन ने अपनी टीम के लिए फिर से एक बेशक़ीमती पारी खेलकर मैच जिताया.

वैसे एक आंकड़ा दिलचस्प ये है कि साल 2023 से आईपीएल में इस कैरेबियाई बल्लेबाज़ से ज़्यादा छक्के किसी और खिलाड़ी ने नहीं मारे हैं.

पूरन के आउट होने के बाद लखनऊ सुपर जायंट्स को 68 गेंदों पर 71 रनों की दरकार थी और कप्तान पंत ने 15 गेंदों पर 15 रन, डेविड मिलर ने 7 गेंदों पर नाबाद 13 रन, अब्दुल समद ने 8 गेंदों पर नाबाद 22 रन बनाकर हैदराबाद को मैच में वापस लौटने का कोई मौका ही नहीं दिया.

यही वजह रही कि 23 गेंद बचे रहते ही पंत की टीम ने मैच जीत लिया और इस सीज़न की अंक तालिका में खाता खोला.

ठाकुर और पूरन की निजी ज़िंदगी की कहानियां बिलकुल अलग होते हुए भी क्रिकेट के मैदान एक सी दिखने लगती है.

दोनों खिलाड़ियों ने अपने करियर में उतार-चढ़ाव देखे हैं और जिन लम्हों से वो गुज़रे हैं उसको देखते बहुत सारे खिलाड़ी खेल भी छोड़ देते.

लेकिन, इन दोनों की ख़ासियत और समान बात ये है कि ये अपने गेंद और बल्ले से हमेशा टीम के लिए मैच विनर की भूमिका निभाना चाहते हैं भले ही उनके पास स्टार पॉवर ना हो.

बीबीसी के लिए कलेक्टिव न्यूज़ रूम की ओर से प्रकाशित

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