पीलिया से छुटकारा चाहिए? मुलेठी समेत ये आयुर्वेदिक नुस्खे करेंगे जॉन्डिस का समाधान

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पीलिया (जॉन्डिस) एक ऐसी स्थिति है, जिसमें त्वचा और आंखों का रंग पीला पड़ने लगता है। यह समस्या तब होती है जब शरीर में बिलीरुबिन की मात्रा बढ़ जाती है और लिवर सही तरीके से काम नहीं करता। अगर समय पर सही इलाज न किया जाए, तो यह गंभीर समस्या बन सकती है। आयुर्वेद में कुछ प्राकृतिक जड़ी-बूटियों और घरेलू नुस्खों का वर्णन किया गया है, जो पीलिया को ठीक करने में मदद कर सकते हैं। खासतौर पर मुलेठी

और कुछ अन्य आयुर्वेदिक उपाय इस रोग में बेहद लाभकारी माने जाते हैं।

पीलिया के लक्षण

  • आंखों और त्वचा का पीला पड़ना
  • कमजोरी और थकान महसूस होना
  • पेशाब और मल का रंग गहरा होना
  • भूख में कमी और अपच
  • हल्का बुखार और सिरदर्द

पीलिया के लिए आयुर्वेदिक नुस्खे

1. मुलेठी – लिवर को मजबूत बनाने में सहायक

मुलेठी में हेपेटोप्रोटेक्टिव गुण होते हैं, जो लिवर को डिटॉक्स करने और पीलिया को ठीक करने में मदद करते हैं। यह शरीर से विषैले तत्वों को बाहर निकालने में भी सहायक होती है।

कैसे करें सेवन?

  • एक गिलास गुनगुने पानी में आधा चम्मच मुलेठी पाउडर मिलाकर दिन में एक बार पिएं।
  • मुलेठी की जड़ को उबालकर इसका काढ़ा बनाकर सुबह-शाम सेवन करें।

2. आंवला – लिवर के लिए शक्तिशाली एंटीऑक्सीडेंट

आंवला में मौजूद विटामिन C लिवर को साफ करने और इम्यूनिटी को मजबूत करने में मदद करता है।

कैसे करें सेवन?

  • रोजाना एक आंवला खाएं या आंवले का रस पीएं।
  • आंवला पाउडर को शहद में मिलाकर सेवन कर सकते हैं।

3. गिलोय – प्राकृतिक लिवर टॉनिक

गिलोय एक प्रभावी आयुर्वेदिक औषधि है, जो लिवर को स्वस्थ रखने और संक्रमण से बचाने में मदद करती है।

कैसे करें सेवन?

  • गिलोय की डंडी को पानी में उबालकर इसका काढ़ा बनाएं और दिन में एक बार पिएं।
  • गिलोय के रस को शहद के साथ मिलाकर सेवन करें।

4. पपीते के पत्ते – बिलीरुबिन कम करने में सहायक

पपीते के पत्तों में मौजूद एंजाइम लिवर की कार्यक्षमता को सुधारते हैं और पीलिया को तेजी से ठीक करने में मदद करते हैं।

कैसे करें सेवन?

  • पपीते के ताजे पत्तों को पीसकर रस निकालें और रोजाना एक चम्मच पिएं।
  • इसे हल्के गुनगुने पानी के साथ लिया जा सकता है।

5. गन्ने का रस – लिवर को देता है ताकत

गन्ने का रस पीलिया के मरीजों के लिए बेहद फायदेमंद होता है क्योंकि यह लिवर को मजबूत करता है और शरीर से विषाक्त पदार्थों को बाहर निकालने में मदद करता है।

कैसे करें सेवन?

  • दिन में एक या दो बार ताजा गन्ने का रस पिएं।
  • इसमें नींबू का रस मिलाने से और भी अधिक लाभ मिलेगा।

क्या करें और क्या न करें?

क्या करें:

  • भरपूर मात्रा में पानी और ताजे फलों का रस पिएं।
  • हल्का, सुपाच्य और संतुलित आहार लें।
  • रोजाना सुबह-शाम गिलोय, मुलेठी या आंवला का सेवन करें।

क्या न करें:

  • ज्यादा तला-भुना और मसालेदार खाना न खाएं।
  • शराब और कैफीन युक्त चीजों का सेवन न करें।
  • अधिक भारी भोजन और प्रोसेस्ड फूड से बचें।

अगर आप पीलिया से पीड़ित हैं, तो आयुर्वेदिक नुस्खों की मदद से इसे आसानी से ठीक किया जा सकता है। मुलेठी, आंवला, गिलोय, पपीते के पत्ते और गन्ने का रस

लिवर को स्वस्थ रखने और शरीर से विषाक्त पदार्थों को बाहर निकालने में बेहद फायदेमंद हैं। साथ ही, संतुलित आहार और हेल्दी लाइफस्टाइल अपनाकर पीलिया से बचाव किया जा सकता है।