तीसरी बार राष्ट्रपति बनने की राह पर ट्रंप, अमेरिका में मचा बवाल
अमेरिकी पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप हमेशा किसी न किसी वजह से सुर्खियों में रहते हैं। इस बार वह 2028 में फिर से राष्ट्रपति चुनाव लड़ने की संभावनाओं पर चर्चा के कारण चर्चा में हैं। एक इंटरव्यू में ट्रंप ने संकेत दिए कि वह दो कार्यकाल की सीमा को पार करने के लिए नए तरीकों की तलाश कर रहे हैं।
संविधान के खिलाफ ट्रंप का दावा!
अमेरिकी संविधान के 22वें संशोधन के तहत कोई भी व्यक्ति दो बार से अधिक राष्ट्रपति नहीं बन सकता। लेकिन ट्रंप का दावा है कि ऐसे तरीके हैं जिनसे इस नियम को बदला जा सकता है।
क्या अमेरिका भी रूस और चीन की राह पर?
रूस में व्लादिमीर पुतिन और चीन में शी जिनपिंग पहले ही संवैधानिक बदलाव कर अपनी सत्ता को मजबूत कर चुके हैं।
✅ पुतिन ने 2036 तक सत्ता में बने रहने के लिए रूसी संविधान में संशोधन किया।
✅ जिनपिंग ने चीन में राष्ट्रपति पद की समय सीमा ही खत्म कर दी।
अब सवाल यह है कि क्या ट्रंप भी इसी रास्ते पर चल रहे हैं?
ट्रंप के करीबी सहयोगियों की रणनीति
पूर्व व्हाइट हाउस रणनीतिकार स्टीव बैनन ने हाल ही में दावा किया कि ट्रंप 2028 में फिर से चुनाव लड़ सकते हैं।
➡️ रिपब्लिकन सांसद एंडी ओगल्स ने एक विधेयक पेश किया है, जिसमें दो गैर-लगातार कार्यकाल पूरा करने वाले राष्ट्रपति को तीसरी बार चुनाव लड़ने की अनुमति देने की मांग की गई है।
हालांकि, इस विधेयक को अभी ज्यादा समर्थन नहीं मिला है।
क्या है ट्रंप का “गुप्त तरीका”?
जब ट्रंप से पूछा गया कि क्या उनके पास कोई रणनीति है जिससे वे तीसरी बार राष्ट्रपति बन सकें?
✅ एक संभावित योजना पर चर्चा हुई कि क्या 2028 में उनके सहयोगी जे.डी. वेंस राष्ट्रपति बन सकते हैं और फिर ट्रंप को सत्ता सौंप सकते हैं?
✅ ट्रंप ने कहा, “यह एक तरीका हो सकता है, लेकिन और भी तरीके हैं!”
हालांकि, ट्रंप ने इन योजनाओं का खुलासा करने से इनकार कर दिया।
पहले भी दे चुके हैं तीसरी बार चुनाव लड़ने के संकेत
जनवरी में नेवादा की एक रैली में ट्रंप ने कहा था,
बाद में उन्होंने सफाई दी कि वह केवल दो कार्यकाल तक सीमित रहेंगे, लेकिन अब उनके ताजा बयान से अटकलें तेज हो गई हैं!
क्या अमेरिका में तानाशाही की राह खुल रही है?
ट्रंप की यह रणनीति अमेरिकी लोकतंत्र के लिए खतरा बन सकती है।
✅ आलोचकों का मानना है कि अगर ट्रंप संवैधानिक बदलाव के जरिए सत्ता में बने रहने की कोशिश करते हैं, तो अमेरिका भी उन देशों की श्रेणी में आ सकता है जहां नेता नियमों को बदलकर सत्ता पर अपनी पकड़ मजबूत करते हैं।
क्या ट्रंप 2028 में हकीकत बनेंगे या यह सिर्फ एक चुनावी हथकंडा है?
अमेरिकी राजनीति में यह मुद्दा बड़ा बहस का विषय बन चुका है!
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